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सोमवार, मई 17, 2021

Some unanswered questions

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यहां जिज्ञासुओं के कुछ अनुत्तरित प्रश्न (Some unanswered questions) संकलित किए हैं, आशा है आपको पसंद आएंगे।

आइये जानते हैं कि वह अनुत्तरित प्रश्न (Some unanswered questions) क्या हैं?

देवताओं की पूजा-अर्चना या हवन, कीर्तन करने से अगर कहीं कोई कृपा होनी होती, तो क्या भारत कभी ग़ुलाम होता? क्या किसी गरीब का बच्चा भुखमरी से मरता? क्या मंदिर-मस्जिदों में बलात्कार होता? या कहीं कोई भिखारी होता?

अब आगे पढ़िये:-

  • पहला सवाल: चार धाम की स्थापना किसने करवाई थी?
  • उत्तर: आदि शंकराचार्य ने।
  • दूसरा सवाल: आदि शंकराचार्य का जन्म कब हुआ था?
  • उत्तर: 788 ईस्वी में।
  • तीसरा सवाल: चार धाम की तीर्थ यात्रा पर अपने अंधे माता-पिता को लेकर कौन गया था?
  • उत्तर: श्रवण कुमार
  • चौथा सवाल: श्रवण कुमार को तीर किसने मारा था?
  • उत्तर: राम के पिता राजा दशरथ ने।
  • पांचवा सवाल: तब राम के पिता को श्राप किसने दिया था, कि राम को 14 वर्ष वनवास होगा?
  • उत्तर: श्रवण कुमार के माता-पिता ने।
  • छठा सवाल: तब फिर राम को वनवास त्रेता युग में मिला था या सातवीं-आठवीं शताब्दी में?

अब इसमें क्या सही है और क्या काल्पनिक? अगर आप अब भी नहीं समझे तो ज़रा गौर फ़रमाएँ कि लाखो वर्ष पहले त्रेतायुग में श्रवण कुमार आठवीं शताब्दी में पैदा होने वाले शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारो धामों के दर्शन अपने माता-पिता को कैसे करा रहे थे? जो की बना ही कई हज़ार साल बाद था? अब मानना या न मानना आपके बुद्धि और विवेक पर निर्भर करता है।


क्या वास्तव में गांधारी के सौ पुत्र हुए थे?

महाभारत के अनुसार धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी ने सौ पुत्रों को जन्म दिया था। जिन्हें कौरव कहा जाता है!

क्या कोई महिला अपने जीवनकाल में सौ बच्चो को जन्म दे सकती है?

अगर गांधारी ने प्रत्येक बच्चे नौ महीने के अन्तराल मे पैदा किये तो भी सौ पुत्र पैदा करने मे नौ सौ महीने अर्थात 75 साल लगेंगे… एक महिला कम से कम 12 वर्ष की उम्र के बाद ही माँ बनने की क्षमता रखती है तो क्या गांधारी 90 वर्ष की उम्र तक बच्चे पैदा कर रही थी?

यह बात ना तो तार्किक और ना ही धार्मिक तौर पर मानने योग्य है!

विज्ञान बताता है कि महिला को कम से कम 10 वर्ष की उम्र से रजोधर्म शुरू होता है और 50 वर्ष तक रजोनिवृत्ति हो जाती है, जब महिला 18 से 35 वर्ष के मध्य होती है तो उसे 5 से 7 दिनों का ऋतुकाल रहता है, पर 35 की उम्र पार होते ही 2 से 3 दिन ही रह जाता है! मतलब साफ है कि 40 की उम्र तक ही महिला के गर्भाशय में अण्डे तैयार होते है, और इसी उम्र तक पैदा हुये बच्चे स्वस्थ और निरोग होते है… 50 वर्ष की उम्र के बाद हार्मोंस क्षीण होने लगते हैं अतः महिला बच्चों को स्तनपान कराने में भी सक्षम नही रहती!

अब गांधारी भी एक महिला ही थी, कोई मशीन नहीं, जिसने अपने पूरे जीवन में 101 बच्चों (एक पुत्री दुश्शाला) को जन्म दिया।

महिला को 101 बच्चे होना कैसे संभव है?

महाभारत में गांधारी के सौ पुत्रों के जन्म की अलग ही कहानी बताई जाती है।

महाभारत के अनुसार व्यास ने गांधारी को सौ पुत्रों का आशीर्वाद दिया था, दो वर्ष गर्भ रहने के बाद गांधारी ने एक लोहे के पिण्ड को जन्म दिया और घबराकर उसे फेंकने जा रही थी! तभी व्यास जी ने आकर उसे रोका और उस पिण्ड के सौ टुकड़े करवा कर सौ मटको मे रखवा दिया… दो वर्ष बाद उन्हीं मटको में से गांधारी के सौ पुत्र पैदा हुऐ!

स्पष्ट है, गांधारी के सौ पुत्रों वाली कहानी गढ़ी गयी लगती है। लोग तो यह भी बताते हैं कि द्वैपायन व्यास ने पूर्वकाल महाभारत में 8 हजार श्लोक ही लिखे थे, जो आज बढ़कर लाखों हो गये है।

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